बांशुरी धारी
बांशुरी धारी
प्रभु गिरिधारी
केकी पूछ धारी
बंशी मत बजाना
मानजाओ हरी
मुरली धारी II
नटखट नागर
प्रभु दईत्यारी
बृंदाबन लागे
करते हो केलि
रास बिहारी II
अहो कंश हारी
भक्त दुःख हारी
गोपी प्राण धन राधा प्रियतम
पूतना हारी II
कालिय गंजन
जामला भंजन
जसोदा नंदन
करो हे पारी
चकर धारी II
मुरली बजाना
उठता भी बासना
असह्य होता है
काम बेदना
बांशुरी धारी II
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