जिलो जीबन मुक्त

 

जिलो जीबन मुक्त
जिलो जीबन मुक्त


जीबन

जीनेका नाम

मग्न होजाओ

इतिनि ईसमें की

पतानाचले साम

भुलजाओ भी आराम

क्योंकि आराम है हराम ।।


जीबन भबिष्य एक

सुनसान सी है राह

बनजाओ राही अकेला

राहमें कोई साथ दें नादे

सोचसे दूर तुम दे धकेला

चल अकेला चल अकेला ।।


इतीना बड़ा सुंदर संसार

सप्त सिंधु सम समंदर

जीना मतकरो किसीकी बलपर

हिश्वास बनालो खुदपर ।।


बढालो खुदमें इतिनि ताकत 

खुद थम जाए भी वक्त 

निल आकाशकि पंछी बनके

जिलो जीबन मुक्त करके शांति युक्त ।।




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