क्या दुःख मेरा .....?
आज नहीं तो काल
ये पल गुजर जाएगा
पुर्बेया शीतल पबन
जरुर बहेगा
आलसमें ऐसे आखिर
कबतक रहेगा
अंगडाई लेके जरुर
पश्चिमी बहेगा II
जब एसी दिन मेरी
नसीब में आएगा
हालात में जरुर मेरे
सुधार लेएगा II
जानते हुए ये सारे
क्या दुःख मेरा
दुख्के बात सुख अक्सर
आताही जरा II
कहते हैं जीबन होता
समयकी धारा
खुद ही बदलताजाता
बदलता सारा II
अहो ओ मन मेरा
अब शांत बनजा
बदल जाएगा ये पल
सम्हलले ज़रा
मत हो बाबरा
समझ जा प्यारा II

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