जय माँ दुर्गे

 

जय माँ दुर्गे
जय माँ दुर्गे




जय माँ दुर्गे

दुर्गति नाशिनी

जय महिषा मर्दिनी

सत्ययुगे माता दुष्ट दैत्य नासी

उद्दार कियाथा धारिणी माँ 

जय माँ जगत के जननी

अम्बिका भबानी,माता कात्यायनी

खड्ग खर्पर धारिणी माँ

तुहिहो परम कारिणी

त्रिशूल धारिणी,नृमुण्ड मालिनी

तुम्ही होते लष्मी रानी

विष्णुके मोहिनी,देते दानापानी

पालनहारी कृपालिनी माँ

जय माँ बैकुंठ बासिनी


शिबालये माता उमानाम घेनी

बर देतेजो आसानी माँ

जय जय माँ करालिनी

सहज में अबला,रुक्ष्य अभिमानी

भयंकरा दर्पहारा माँ

कालरात्रि भाग्य दानी

बिद्या बुद्धि दानी,माता बिनापाणी

उज्वल भी करलो ना जननी

मूर्ख एक मणि, दया भाव घेनी

स्वीकारला मेरा माँ दायिनी।




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