चलते रहो
चलते रहो |
वे कहते हैं और कहते रहेंगे,
वे उसके काम करते रहेंगे,
तुम सुन कर भी यूँ ही मुस्कुराते रहो,
गुण और दोषों को परखते रहो,
बस अपना काम करते रहो।
खुशी का उपहार नहीं,
केवल दुख-दर्द देते रहेंगे,
दुखमें भी सुख होता ढूंढते रहो,
बस दुःखको खुशी समझ करो,
निश्चित, इस राहोंमें चलना कठिन है,
लेकिन फिर भी आगे चलते रहो।
आप निराशाओं से घिरे हैं,
निराष को भारी मत होनेदो,
आशा के दीप जलाते रहो,
अभी कोई ठिकाना नहीं है,
कोई साथ देते या नहीं देते,
परबाह नहीं सभीको अपनालो,
पूरे ब्रह्मांड को अपना कहो।
कुछ लोग आप पर हंसेंगे
हंसना अच्छा है हँसनेदो
कुछ बेवकूफ समझेंगे मत घबराओ,
सब्र अच्छी गुण है बस सुनते रहो,
रुकने से बर्बादी है, समय बर्बाद मत करो,
इस से कूछ नहीं होता, सीमित है जीबन,
बस अपना काम करते रहो।
फूल से भी शुरू होगी पथरीली राह,
निरास मत हो हिम्मत बढाते चलो
उम्मीद रखो और आगे बढ़ते रहो,
भीड़ में होगी अपनी एक पहचान,
ढूंढते चलो प्रयास करते चलो,
दुखके बाद सुख आताही हे,
अंधकार से प्रकाश की ओर चलो।
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