❤️ दूरी में भी तुम पास हो — एक ऐसी प्रेम कहानी जो दिल छू लेगी
# दूरी में भी तुम पास हो
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| दूरी में भी तुम पास हो |
कभी-कभी लगता है
कि दूरी सिर्फ नक्शे पर बनी एक रेखा है,
दिलों के बीच कोई सरहद नहीं होती।
तुम मुझसे दूर हो —
इतने दूर कि हाथ बढ़ाऊँ तो हवा ही मिलती है,
पर इतने पास कि सांसों में तुम्हारा नाम बसता है।
जब सुबह की पहली किरण
मेरे कमरे की खिड़की पर दस्तक देती है,
तो लगता है जैसे तुमने
मेरे माथे को हल्के से छू लिया हो।
और जब रात चुपके से आकर
मेरे तकिए पर बैठ जाती है,
तो तुम्हारी यादें
मेरे बालों में उंगलियाँ फेरती हैं।
लोग कहते हैं —
दूरी प्यार को कम कर देती है।
पर उन्होंने शायद कभी
सच्चा इंतज़ार नहीं किया होगा।
क्योंकि जो प्यार दूरी से टूट जाए,
वो सिर्फ आदत था, मोह था —
प्यार नहीं।
तुम्हारे बिना हर रास्ता
जैसे आधा अधूरा सा लगता है।
चाय का कप हाथ में होता है,
पर उसका स्वाद तुम्हारी मुस्कान के बिना फीका है।
बारिश की बूंदें गिरती हैं,
पर उनमें वो सिहरन नहीं
जो तुम्हारे साथ खड़े होकर महसूस होती थी।
याद है तुम्हें वो शाम
जब हमने चुप रहकर भी
एक-दूसरे से बहुत कुछ कह दिया था?
शब्द कम थे,
पर आँखें पूरी कहानी लिख रही थीं।
आज वही कहानी
मेरी धड़कनों में दोहराई जाती है।
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| दूरी में भी तुम पास हो |
मैं कभी-कभी खुद से पूछता हूँ —
क्या दूरी सच में दर्द देती है?
या वो प्यार की गहराई को
और साफ कर देती है?
क्योंकि जितना दूर तुम हो,
उतना ही गहरा मेरा एहसास हो गया है।
तुम्हारी हँसी अब भी
मेरे कमरे की दीवारों पर टंगी है,
जैसे कोई पुरानी तस्वीर
जो कभी फीकी नहीं पड़ती।
तुम्हारी आवाज़
मेरे कानों में गूंजती है,
जैसे कोई अधूरी धुन
जो हमेशा पूरी होने का इंतज़ार करती है।
कभी-कभी मैं भीड़ में खड़ा होता हूँ,
और अचानक महसूस करता हूँ
कि तुम मेरे पास खड़ी हो।
मैं मुड़कर देखता हूँ —
पर वहाँ सिर्फ हवा होती है।
फिर भी दिल कहता है,
तुम यहीं कहीं हो।
दूरी ने हमें अलग नहीं किया,
उसने बस हमें
खामोशी की भाषा सिखाई है।
अब बिना बोले भी
हम एक-दूसरे को समझ लेते हैं।
तुम वहाँ आसमान देखते हो,
मैं यहाँ —
और दोनों को एक ही चाँद दिखता है।
कितना अजीब है ना?
एक ही चाँद, एक ही हवा,
पर दो अलग शहर,
दो अलग रास्ते —
और फिर भी एक ही दिल।
मैंने तुम्हें छूना छोड़ दिया है,
पर महसूस करना नहीं।
मैंने तुम्हें देखना छोड़ दिया है,
पर कल्पना करना नहीं।
मैंने तुम्हें पकड़ना छोड़ दिया है,
पर खोना कभी नहीं सीखा।
कभी-कभी रात इतनी लंबी हो जाती है
कि लगता है समय भी थक गया है।
तब मैं तुम्हारा नाम धीरे से बोलता हूँ,
और अचानक
अंधेरा थोड़ा कम लगने लगता है।
तुम्हारी यादें
मेरे लिए दर्द नहीं हैं,
वे मेरे जीने की वजह हैं।
हर याद एक दीपक है,
जो दूरी की रात में
रास्ता दिखाती रहती है।
मैं सोचता हूँ —
अगर तुम पास होते,
तो क्या प्यार इतना गहरा होता?
शायद नहीं।
क्योंकि दूरी ने हमें सिखाया है
कि प्यार सिर्फ साथ होना नहीं,
बल्कि दूर रहकर भी साथ महसूस करना है।
कभी-कभी दिल चाहता है
कि अचानक तुम्हारे सामने पहुँच जाऊँ,
और बिना कुछ कहे
बस तुम्हें गले लगा लूँ।
ताकि सारी दूरी
एक पल में खत्म हो जाए।
पर फिर समझ आता है —
दूरी भी हमारी कहानी का हिस्सा है।
यही दूरी
हमारी यादों को चमकदार बनाती है,
हमारे शब्दों को गहरा,
और हमारे इंतज़ार को पवित्र।
जब तुम हँसते हो,
तो मुझे यहाँ भी खुशी महसूस होती है।
जब तुम उदास होते हो,
तो मेरी आँखें भीग जाती हैं।
शायद यही प्यार है —
दो अलग शरीर,
पर एक ही धड़कन।
लोग पूछते हैं —
क्या लंबी दूरी का प्यार टिकता है?
मैं मुस्कुरा देता हूँ,
क्योंकि उन्हें कैसे बताऊँ
कि दूरी सिर्फ दूरी नहीं,
एक परीक्षा है —
और हमारा प्यार हर दिन उसे पास करता है।
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| दूरी में भी तुम पास हो |
मैंने तुम्हें खोया नहीं,
मैंने तुम्हें
अपने भीतर बसा लिया है।
अब तुम कोई व्यक्ति नहीं,
एक एहसास हो,
जो हर पल मेरे साथ चलता है।
और जब कभी हम फिर मिलेंगे,
तो शायद शब्द कम पड़ जाएँगे।
क्योंकि आँखें ही सब कुछ कह देंगी।
और उस पल
सारी दूरी
एक कहानी बन जाएगी —
जिसे हम मुस्कुराकर याद करेंगे।
तब तक,
दूरी में भी तुम पास हो,
मेरी हर सांस में,
मेरी हर धड़कन में,
मेरे हर ख्वाब में।
तुम दूर होकर भी
मेरी दुनिया का सबसे करीब हिस्सा हो।



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