तुझे पाने से बढ़कर — तुझे खुश देखना था
# ❤️ **तुझे पाने से बढ़कर — तुझे खुश देखना था**

तुझे पाने से बढ़कर — तुझे खुश देखना था
कभी सोचा नहीं था
कि मोहब्बत का मतलब
तुझे खो देना भी होगा…
पर अब समझ आया है—
हर प्यार का अंजाम
मिलना नहीं होता,
कुछ प्यार बस
दुआ बनकर रह जाते हैं।
तू जब आई थी मेरी जिंदगी में,
तो लगा था
जैसे सब कुछ मिल गया हो।
तेरी हँसी में
मेरा सुकून था,
तेरी आँखों में
मेरा घर।
मैंने तुझमें
अपना पूरा जहाँ देखा था,
और शायद यही
मेरी सबसे बड़ी भूल भी थी।
क्योंकि मैंने
तुझे सिर्फ़ चाहा नहीं,
मैंने तुझमें
खुद को खो दिया था।
फिर एक दिन
सब कुछ बदल गया…
ना कोई शोर हुआ,
ना कोई तूफ़ान आया,
बस हम
धीरे-धीरे दूर हो गए।
इतने खामोश तरीके से
कि समझ ही नहीं आया
कब तू मेरी नहीं रही।
आज भी याद है
वो आखिरी बातचीत—
तेरी आवाज़ में
थोड़ी दूरी थी,
और मेरे दिल में
थोड़ी बेचैनी।
तूने कहा था—
“शायद ये सही नहीं है…”
और मैंने
मुस्कुराकर कहा—
“हाँ, शायद…”
पर अंदर से
सब कुछ टूट गया था।
मैं चाहता तो
तुझे रोक सकता था,
तुझे मनाने की कोशिश कर सकता था,
तुझे अपने पास रख सकता था…
पर मैंने ऐसा नहीं किया।
क्योंकि
प्यार में ज़िद नहीं होती,
प्यार में आज़ादी होती है।
और अगर तेरी खुशी
मुझसे दूर रहने में थी,
तो मैंने तुझे
खुद से दूर जाने दिया।
आज भी
जब तेरी याद आती है,
तो दिल थोड़ा भारी हो जाता है…
पर अब
आँखों में आँसू नहीं आते,
बस एक हल्की-सी मुस्कान होती है।
क्योंकि अब
मैंने तुझे खोया नहीं,
मैंने तुझे
आज़ाद किया है।
तू जहाँ भी है,
जैसी भी है,
बस खुश रहना।
क्योंकि मेरी मोहब्बत
अब तुझे पाने की नहीं,
तुझे मुस्कुराते देखने की दुआ बन गई है।
कभी-कभी
मैं तेरी तस्वीर देखता हूँ,
और सोचता हूँ—
क्या तुझे मेरी याद आती होगी?
फिर खुद ही
उस सवाल को छोड़ देता हूँ।
क्योंकि अब
मुझे जवाब की ज़रूरत नहीं,
मुझे बस
तेरी खुशी चाहिए।
अगर तू किसी और के साथ
हँस रही है,
तो यकीन मान—
मेरी दुआ
तेरे साथ है।
अगर कोई और
तेरा हाथ थामे हुए है,
तो मुझे कोई शिकायत नहीं।
बस इतना चाहता हूँ
कि वो तुझे
वैसे ही संभाले
जैसे मैं संभालता था…
या शायद उससे भी बेहतर।
क्योंकि
प्यार का असली मतलब
खुद को खुश करना नहीं,
दूसरे को खुश देखना होता है।
तू मेरी आदत थी,
मेरी जरूरत थी,
पर अब तू
मेरी दुआ बन गई है।
मैंने तुझे
भूलने की कोशिश नहीं की,
क्योंकि कुछ लोग
भुलाए नहीं जाते।
वो बस
दिल के एक कोने में
चुपचाप बस जाते हैं।
और तू
उसी कोने में रहती है—
जहाँ दर्द भी है,
और सुकून भी।
कभी-कभी
रात को देर तक जागता हूँ,
और तेरी यादों से बातें करता हूँ।
वो पूछती हैं—
“क्या अब भी प्यार करते हो?”
और मैं
हल्के से मुस्कुरा देता हूँ।
क्योंकि
कुछ सवालों के जवाब
शब्दों में नहीं दिए जाते।
तू मेरी जिंदगी का
वो हिस्सा है
जिसे मैं बदलना नहीं चाहता।
भले ही
हम साथ नहीं हैं,
पर जो था
वो सच्चा था।
और वही सच्चाई
आज भी मुझे
तेरे लिए दुआ करने पर मजबूर करती है।
अगर कभी
तू उदास हो,
तो बस इतना याद रखना—
कहीं कोई है
जो आज भी
तेरे लिए दुआ करता है।
कभी
अगर तेरी आँखों में आँसू आएँ,
तो समझ लेना—
कहीं दूर
कोई तेरे दर्द को
अपने दिल में महसूस कर रहा है।
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| तुझे पाने से बढ़कर — तुझे खुश देखना था |
मैंने तुझसे
कुछ माँगा नहीं,
और अब भी
कुछ नहीं माँगता।
बस यही चाहता हूँ
कि तेरी जिंदगी
हमेशा रोशन रहे।
तू खुश रहे,
तू मुस्कुराती रहे,
तू अपने सपनों को
पूरा करती रहे।
और अगर कभी
तुझे मेरी याद आए,
तो डरना मत।
क्योंकि
मैं अब शिकायत नहीं करता,
मैं अब सिर्फ़
दुआ करता हूँ।
तेरे लिए,
तेरी खुशी के लिए,
तेरी हर मुस्कान के लिए।
कहते हैं
सच्चा प्यार कभी खत्म नहीं होता…
शायद इसलिए
मेरा प्यार भी
अब तक जिंदा है।
पर अब वो
तुझे पाने की चाह नहीं,
तुझे खोने का डर नहीं,
बस एक सुकून है—
कि मैंने
तुझे सच्चे दिल से चाहा।
और शायद
यही काफी है।
क्योंकि हर कहानी का
एक अंत होता है,
पर कुछ प्यार
अंत के बाद भी
जिंदा रहते हैं।
हमारी कहानी
शायद खत्म हो गई,
पर मेरा प्यार
अब भी जिंदा है—
तेरे लिए,
तेरी खुशी के लिए।
और अंत में
बस इतना कहना है—
अगर कभी
किस्मत हमें फिर मिलाए,
तो मैं तुझसे
कुछ नहीं माँगूँगा।
ना तेरा साथ,
ना तेरा प्यार…
बस एक मुस्कान।
क्योंकि अब
मुझे तुझे पाने से ज़्यादा
तुझे खुश देखना अच्छा लगता है।
और शायद
यही सच्चा प्यार है—
जहाँ चाहत नहीं,
सिर्फ़ दुआ होती है। ❤️

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